31 Jul 2020

आँखों के तनाव को कैसे रोकें?

डिजिटल उपकरण, जैसे के डेस्कटॉप, लैपटॉप, टैब और स्मार्टफ़ोन के दैनिक उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह किसी विशेष क्षेत्र या वयोवर्ग तक ही सीमित नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति के जीवन का एक अभिन्न अंग बन गए हैं, चाहे वह व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए हो या सामाजिक। व्यक्तिगतरूप से स्क्रीन के सामने बिताए जानेवाले समय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे डिजिटल आइ स्ट्रेन / कंप्यूटर वीशन सिंड्रोम से पीड़ित लोगों की संख्या में वृद्धि हो रही है। यह कंप्यूटर / स्मार्टफोन का इस्तेमाल करनेवालों में ५०% से अधिक पाई जा रही है। इसके विभिन्न लक्षण हैं, जैसे –

• धुंधली या दोहरी दृष्टि
• सरदर्द
• आँखों में पीडा, थकान, जलन या खुजली
• अश्रुपूर्ण आँखें
• शुष्क आँखें
• प्रकाश के प्रति बढी हुई संवेदनशीलता
• एकाग्रता में कठिनाई
• आँखों का लाल होना

आजकल, कंप्यूटर / स्मार्टफोन के इस्तेमाल से बचना संभव नहीं है क्योंकि यह हमारी जरूरत बन गई है।

तो क्या किया जाए?

चिंता की कोई बात नहीं !! समाधान यहीं है!

अगर हम कंप्यूटर और स्मार्टफ़ोन पर काम करते समय कुछ सावधानियां बरतें, तो हम अपनी आँखों पर पड़नेवालेतनाव को कम कर सकते हैं और अपने काम पर अच्छी तरह से ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। कैसे? आईए देखते हैं –

• कंप्यूटर / स्मार्टफोन पर काम करते समय आँखो के तनाव से बचने के टिप्स

प्रचलित सावधानियां

• नेत्र-विशेषज्ञ से परामर्श लें :
सर्वप्रथम; यदि आप उपरोक्त में से कोई भी लक्षण अनुभव कर रहे हैं, तो आप अपनी आंखों की जांच किसी नेत्र-विशेषज्ञ से करवाएं। और यही नहीं, जो लोग कंप्यूटर पर काम करते हैं उन्हें साल में एक बार अपनी आँखों की जांच करवानी ही चाहिए।

• अपनी आँखों को आराम दें :
कंप्यूटर पर लगातार काम करने से हमारी आँखों पर काफी तनाव पड़ता है। हमारी आँखों को आराम की उतनी ही ज़रूरत होती है जितनी हमें कड़ी मेहनत के बाद होती है। अपनी आँखों को अति-आवश्यक आराम देने के लिए निम्नलिखित उपाय करें –

१. नियमित ब्रेक लें: नियमित अंतराल पर ब्रेक लें और २०-२०-२० नियम का पालन करें। कम्प्युटर पर निरंतर काम करते समय हर २० मिनट के बाद २० सेकंड के लिए २० फुट दूर किसी चीज़ को देखें। (यह तनाव को कम करता है और हमारी आंखों को आराम देता है)।
२. अपनी आँखें बार बार झपकाएं: पलक झपकने से आँखों को नमी मिलती है, और इससे आँखों में सूखापन, खुजली, जलन नहीं होते।
३. अक्सर आँखों पर पानी छिड़कें: नियमित अंतराल पर अपनी आँखों पर पानी छिड़कने से आँखे नम रहती हैं और जलन, सूखापन और अत्यधिक तनाव से मुक्त रहती हैं।
४. अपनी आँखों को न रगड़ें: आँखें नाजुक अंग हैं; इन्हें रगडें नहीं। इसके बजाय, अपनी हथेलियों को एक दूसरे पर जोर से रगड़ें और उन्हें अपनी आँखों पर रखें। हथेलियों में उत्पन्न हुई गरमाहट आँखों को शांत कर सकती है और तनाव कम करने में मदद करती है।
५. अपने उपकरणों पर टेक्स्ट साईज (अक्षरों का आकार) और फ़ॉन्ट (लिपि) को अनुकूलित करें:
हमारी आँखों के तनाव को कम करने हेतु अपनी सुविधानुसार कंप्यूटर / स्मार्टफोन पर फ़ॉन्ट और आकार को अनुकूलित करें।

डेस्कटॉप / लैपटॉप पर काम करते समय प्रयोग करने योग्य टिप्स

१. चौंधानेवाला प्रकाश घटाएं
• जब कोई भी प्रकाश (सूर्यप्रकाश या कृत्रिम प्रकाश) प्रत्यक्षरूप से डेस्कटॉप / लैपटॉप की स्क्रीन पर पड़ता है, तब उसका प्रतिबिंब चौंधियाता है। इससे दृष्टि घट जाती है, और हमारी आँखों पर काफी तनाव पडता है।
• चौंधानेवाले प्रकाश को कम करने के लिए या तो डेस्कटॉप अथवा लैपटॉप को इस तरह से रखें कि उसकी स्क्रीन पर सीधा प्रकाश न पड़े या स्क्रीन पर पड़नेवाले प्रकाश की तीव्रता घटाने की कोशिश करें।
• यदि समस्या बनी रहती है, तो अपने कोम्प्यूटर स्क्रीन के लिए ऐंटी-ग्लेअर फिल्टर का इस्तेमाल करने का प्रयोग करें।

२. कम्प्यूटर डिस्प्ले सेटिंग्स को अनुकूलित करें
• अपने डेस्कटॉप / लैपटॉप के डिस्प्ले सेटिंग को अनुकूलित करें ताकि इसकी चमक आसपास की चमक के बराबर हो।
• आप जो पढ़ रहे हैं उसके कॉन्ट्रास्ट और कलर स्कीम पर ध्यान दें। यदि यह आँखों को परेशान कर रहे हों, तो इसे पढ़ने के लिए टेक्स्ट एडिटर में श्वेत पृष्ठभूमि पर गहरे रंग के टे़क्स्ट के स्वरूप में कापी करके पढें। यह आंखों के तनाव को कम करने में सहायक होगा।

३. कंप्यूटर स्क्रीन का स्थान –
• लैपटॉप या डेस्कटॉप स्क्रीन को ऐसे रखा जाना चाहिए कि यह हमारी आँखों से कम से कम २०-२४ इंच दूर हो, और दृष्टि की रेखा से स्क्रीन का केंद्र ५-८ इंच नीचे हो।
• चूंकि हमारी आँखे पूरी तरह से स्क्रीन पर केंद्रित नहीं होतीं, यह हमारी आँखों को सामान्यरूप से झपकने देता है। इससे आँखों पर तनाव कम पडता है वे पर्याप्त रूप से नम रहती हैं।

४. कम्प्यूटर उपयोगी चश्मे में निवेश करें:
• अगर निरंतर कम्प्यूटर स्क्रीन ही कार्य की मांग हो, तो नेत्र-विशेषज्ञ के परामर्श पर निर्धारित अनुकूलित चश्मा बनवाएं।
• इसका इस्तेमाल करने से हमारी आँखें नहीं चौंधियातीं और आँखों से तनाव घट जाता है, जिससे काम पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है।

५. संदर्भ सामग्री (रेफरन्स मटीरियल):
• संदर्भ सामग्री का स्तर कीबोर्ड से ऊपर, मगर क्म्‍प्यूटर स्क्रीन से नीचे रखें।
• यदि यह संभव न हो, तो एक दस्तावेज़ धारक (डॉक्युमेंट होल्डर) को स्क्रीन के बगल में रखने का प्रयास करें। इससे हमारा ध्यान अस्थिर नहीं होता और हमारी आँखों पर से तनाव घटता है।

स्मार्टफोन के इस्तेमाल हेतु टिप्स

१. अपने स्मार्टफोन का इस्तेमाल सीमित करें:
• स्मार्टफोन स्क्रीन, हाई एनर्जी विसिबले लाईट (एच.ई.वी. प्रकाश) या जिसे आम तौर पर नीला प्रकाश कहा जाता है, उत्सर्जित करते है। इसका लगातार संपर्क हमारी आँखों के लिए हानिकारक हो सकता है।
• स्मार्टफोन का विवेकपूर्ण तरीके से उपयोग करना सही माना जाता है (अनावश्यक उपयोग से बचें, केवल आवश्यकता होने पर ही इसका उपयोग करें।

२. अपने स्मार्टफ़ोन पर अंतर्भूत किए हुए नीला प्रकाश फिल्टर प्रणाली (ब्लू-लाईट फिल्टर मोड) का उपयोग करें:
• जैसा कि हम जानते हैं, स्मार्टफ़ोन स्क्रीन द्वारा उत्सर्जित नीला प्रकाश (एच.ई.वी. प्रकाश) हमारी आँखों के लिए हानिकारक हो सकता है।
• ब्लू लाईट फिल्टर (नीला प्रकाश छलनी), जो कि ज्यादातर स्मार्टफोन्स में अंतर्भूत होती है, नीले प्रकाश के उत्सर्जन को छानता है, आँखों के सूखापन, जलन और तनाव को रोकने में मदद करता है।

३. बड़े लेख पढ़ने के लिए स्मार्टफोन्स के बजाए लैपटॉप या डेस्कटॉप का उपयोग करें:
• स्क्रीन के छोटे आकार के कारण, स्मार्टफोन पर विस्तृत लेख पढ़ना मुश्किल हो जाता है। इससे आंखों पर काफी तनाव पड़ सकता है।
• स्क्रीन के प्रशस्त आकार के कारण, डेस्कटॉप या लैपटॉप पर ऐसे विस्तृत लेख पढ़ना हमारी आँखों के लिए हमेशा आरामदेह होता है।
• इसलिए यह सलाह दी जाती है कि, स्मार्टफोन के बजाय विस्तृत लेख पढ़ने के लिए लैपटॉप या डेस्कटॉप का उपयोग करें।

४. अपने टेक्स्ट साईज (आकार) और व्यतिरेक (कॉन्ट्रास्ट) को अनुकूलित करें:
• डेस्कटॉप / लैपटॉप की तुलना में स्मार्टफोन / टैब के छोटे स्क्रीन के कारण, अगर फ़ॉन्ट स्पष्ट न हो और अक्षरों का आकार भी छोटा हो तो पढ़ना मुश्किल हो जाता है। यह हमारी आंखों पर काफी तनावा डाल सकता है।
• स्मार्टफोन / टैब से पढ़ते समय अच्छे कॉन्ट्रास्ट और आकार वर्धन सुविधा (ज़ूम इन विशेषता) के साथ आसानी से पढ़ने योग्य फ़ॉन्ट का उपयोग करना उचित है।

५. स्क्रीन की चमक (ब्राईटनेस) को अनुकूलित करें:
• स्मार्टफोन स्क्रीन की बहुत ज्यादा चमक या ज्यादा गहरा रंग, हमारी आँखों को केंद्रित रखने के लिए आँखों की मांसपेशियों को अधिक मेहनत करा सकते हैं, जिससे वे थक जाती हैं और सुस्त हो जाती हैं।
• हमारे उपकरण की स्क्रीन के चमक (ब्राइटनेस) स्तर हमारे आसपास के प्रकाश स्तर के करीब रखने की सलाह दी जाती है।
• स्क्रीन की चमक के लिए ऑटो ऐडजस्ट मोड का उपयोग लाभप्रद हो सकता है। इसके अलावा, काफी अंधेरे परिवेश में पढ़ते या टाईप करते समय ’नाईट मोड’ सुविधा का भी उपयोग कर सकते हैं।

६. स्क्रीन साफ रखें:
• हमारे स्मार्टफोन उपकरण के स्क्रीन को नियमितरूप से साफ रखना अच्छी बात है। यह हमारे उपकरण के स्क्रीन पर जमी हुई धूल, दाग-धब्बे और उंगलियों के निशानों को दूर हटाता है और दृश्यता सुधारता है।

७. इसे आँखों से सुरक्षित अंतर पर रखें:
• काम करते समय स्मार्टफ़ोन को आँखों के नज़दीक पकडने से आँखों पर काफी तनाव पड़ सकता है।
• पढ़ते समय इसे आँखों से कम से कम १६-१८ इंच दूर पकडना उचित होगा।
• यदि इतने अंतर से पढ़ना मुश्किल होता हो, तो फोन को पास लाने के बजाय फ़ॉन्ट के आकार या उसका वर्धन करने की विशेषता को अनुकूलित करने की कोशिश करें।

८. चमक को कम करें:
• स्क्रीन पर अधिक चमक से आँखों को कार्य (पढ़ना, देखना, टाईपिंग करना, आदि) पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने की आवश्यकता पडती है, जिससे वे जल्दी थक जाती हैं।
• चमक को कम करने के लिए फोन की स्क्रीन पर सीधी रोशनी पडने से दूर रखें। यदि यह संभव न हो, तो बाज़ार में आम तौर पर उपलब्ध चमक-विरोधी (ऐंटी-ग्लेयर) स्क्रीन-रक्षक का उपयोग करें।

तो, मित्रों, हम समझ सकते हैं कि कम्प्यूटर या स्मार्टफोन के उपयोग से बचना असंभव है क्योंकि, हमारा रोजमर्रा का कार्य और जीवन इन पर निर्भर है। इसके साथ-साथ हमें यह ध्यान में रखना चाहिए कि हमारी आँखें एक बहुत ही अनमोल अंग है। हमें इनका खयाल रखना है।

यदि हम उपरोक्त टिप्स का पालन करें तो यह मुश्किल नहीं है। हम अपनी आँखों की सही देखभाल कर सकते हैं और साथ ही साथ, अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं तथा हमारी एकाग्रता में सुधार ला सकते हैं।

१.https://journals.plos.org/plosone/article?id=10.1371/journal.pone.0194218
२.https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/eyestrain/diagnosis-treatment/drc-20372403#:~:text=Many%20people%20blink%20less%20than,Take%20eye%20breaks.
३.https://medium.com/swlh/use-this-20-20-20-rule-to-prevent-eye-strain-when-you-stare-at-screens-all-day-235c8b18c879
४.https://www.cdc.gov/tobacco/campaign/tips/diseases/vision-loss-blindness.html#how-affect
५.https://www.health.harvard.edu/diseases-and-conditions/electronic-screen-alert-avoid-this-vision-risk
६.https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6020759/

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